पेपर क्रोमैटोग्राफी और थिन लेयर क्रोमैटोग्राफी के बीच अंतर बताइए।

Vedclass pdf generator app on play store
Vedclass iOS app on app store
(N/A)
पेपर क्रोमैटोग्राफीथिन लेयर क्रोमैटोग्राफी
$(i)$ यह एक विभाजन (partition) क्रोमैटोग्राफी है।$(i)$ यह एक अधिशोषण (adsorption) क्रोमैटोग्राफी है।
$(ii)$ स्थिर प्रावस्था (stationary phase) के रूप में विशेष सेलुलोज पेपर का उपयोग किया जाता है।$(ii)$ स्थिर प्रावस्था के रूप में कांच की प्लेट पर फैली सिलिका जेल या एल्यूमिना की एक पतली परत का उपयोग किया जाता है।
$(iii)$ गतिशील प्रावस्था (mobile phase) एक तरल है।$(iii)$ गतिशील प्रावस्था एक तरल या गैस हो सकती है।

Explore More

Similar Questions

पेपर क्रोमैटोग्राफी के सिद्धांत को समझाइए।

कॉलम-$I$ और कॉलम-$II$ को सही संबंध के साथ सुमेलित करें:
कॉलम-$I$ कॉलम-$II$
$(i)$ एनिलीन + क्लोरोफॉर्म $(p)$ भाप आसवन
$(ii)$ यौगिक का जलीय विलयन $(q)$ प्रभाजी आसवन
$(iii)$ क्वथनांक में कम अंतर वाले द्रवों का मिश्रण $(r)$ विभेदी निष्कर्षण
$(iv)$ एनिलीन का शुद्धिकरण $(s)$ साधारण आसवन

List-$I$ को List-$II$ के साथ सुमेलित कीजिए।
List-$I$ (शुद्धिकरण तकनीक)List-$II$ (पृथक्करण के लिए प्रयुक्त)
$A$. साधारण आसवन$I$. भाप में वाष्पशील यौगिक
$B$. प्रभाजी आसवन$II$. क्वथनांक में बड़े अंतर वाले दो द्रव
$C$. भाप आसवन$III$. क्वथनांक पर अपघटित होने वाला द्रव
$D$. कम दाब पर आसवन$IV$. निकट क्वथनांक वाले दो द्रव

एनिलीन और पानी के मिश्रण में,एनिलीन को किसके द्वारा अलग किया जा सकता है?

स्तंभ $-I$ और स्तंभ $-II$ को सही संबंध के साथ सुमेलित करें:
स्तंभ $-I$ स्तंभ $-II$
$(i)$ कम तापमान पर उबलने वाला द्रव $(a)$ प्रभाजी आसवन
$(ii)$ लाई (lye) से ग्लिसरॉल $(b)$ साधारण आसवन
$(iii)$ कम क्वथनांक वाला द्रव पहले संघनित होता है $(c)$ भाप आसवन
$(iv)$ उच्च क्वथनांक वाला द्रव पहले संघनित होता है $(d)$ कम दबाव पर आसवन

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo